Thursday, July 28, 2011

प्यारी बहना

मायके से निकलकर ससुराल चल पड़ी हैं
मेरी प्यारी बहना नए घर चल पड़ी है
ये नन्हे कदम उस ओर मुड़ चले है
कैसी ये पावन घडी आ गयी हैं
ये मेरे दोस्तों तुम भी सुन लो जरा


प्यार के बंधन में बधने चल पड़ी हैं
अपने जीवन साथी के संग हो चली है
नए रिश्तो, नए लम्हों में बधने चल पड़ी है
कैसी ये पावन घडी आ गयी हैं
ये मेरे दोस्तों तुम भी सुन लो जरा


भाई-बहन का ये रिश्ता अनमोल है जगत में
कैसे बयाँ करूँ मैं शब्द ही नहीं हैं
सलामत रहो तुम यही रब से दुआ हैं
हर ख़ुशी मिले तुझको यही  मेरी दुआ है
कैसी ये पावन घडी आ गयी हैं
ये मेरे दोस्तों तुम भी सुन लो जरा

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