जिन्दगी की समां को कभी बुझने ना दो
अपनी अरमा को कभी मिटने ना दो
चाहे मुश्किल बढें या हो जुल्मो -सितम
लहरों की तरह आगें तुम बढते रहो !
हो खुद पे अगर यकीन तो हौसला रखो
इस सितम ये ज़माने की परवाह ना करो
आशा के किरण की ज्योति की प्रज्ज्वलित किये
संघर्घ के मार्ग पे आगें बढते रहो !
जिंदगी ये हमारी बड़ी अनमोल है
किसी की खातिर इसे कभी रुकने न दो
अगर बदलना है तो अपने विचारो को बदलो
आज के सकारात्मकता का कफ़न बांध लो !
है किसका इंतजार बेखबर इतना क्यू हों
आंगे की चुनौती से भयभीत तुम क्यू हों
अँधेरा कितना भी घना हों फिर भी मगर
प्रज्वलित दीप के आंगें कभी ठहरता नहीं !
जिन्दगी की अहमियत को समझो अभी
इसे अब कभी तुम फिर रुकने ना दो
कर लो दृढ़ संकल्प तुम अभी के अभी
ना हटोगे तुम पींछे मुड़कर कभी !
अपनी अरमा को कभी मिटने ना दो
चाहे मुश्किल बढें या हो जुल्मो -सितम
लहरों की तरह आगें तुम बढते रहो !
हो खुद पे अगर यकीन तो हौसला रखो
इस सितम ये ज़माने की परवाह ना करो
आशा के किरण की ज्योति की प्रज्ज्वलित किये
संघर्घ के मार्ग पे आगें बढते रहो !
जिंदगी ये हमारी बड़ी अनमोल है
किसी की खातिर इसे कभी रुकने न दो
अगर बदलना है तो अपने विचारो को बदलो
आज के सकारात्मकता का कफ़न बांध लो !
है किसका इंतजार बेखबर इतना क्यू हों
आंगे की चुनौती से भयभीत तुम क्यू हों
अँधेरा कितना भी घना हों फिर भी मगर
प्रज्वलित दीप के आंगें कभी ठहरता नहीं !
जिन्दगी की अहमियत को समझो अभी
इसे अब कभी तुम फिर रुकने ना दो
कर लो दृढ़ संकल्प तुम अभी के अभी
ना हटोगे तुम पींछे मुड़कर कभी !