Friday, August 12, 2011

आगमन

कबसे संजो के रखे है अपनी  इन हसरतों को
बस आपकी इक हाँ का इंतजार हैं
अपने दिल की अरमां को बयाँ करने को
कबसे ये जनाबे अली दिल बेकरार हैं
महफिले सजीं हुयीं है इन रंगीन समाओ में
इन सूनी और तन्हा जिंदगी में रंग भरने को
कबसे बस आपके ही आगमन का इंतजार हैं
अभी तो ये आगाज है मेरी इस मोहब्बत का
आगे की लम्हों को छूने के लिए  दिल अभी से बेकरार हैं
आपकी इन खूबसूरत यांदों में रात य़ू ही गुजर जायेंगी
सुबह होने वाली हैं बस आपकी हाँ का इंतजार हैं 
इन सूनी और तन्हा जिंदगी में रंग भरने को
कबसे बस आपके ही आगमन का इंतजार हैं
शायद ये मेरी कल्पना है या मनचली हवां के झोके
बस इसे हकीकत में बदलने को दिल बेक़रार हैं
ऐसा लगता हैं मानों इस ओनम के शुभ अवसर पे
आपसे इक मुलाकात की उम्मीद के आसार हैं

                
  MY IMAGINATION 
  IMAGINATION IS MORE IMPORTANT THAN
  KNOWLEDGE
                                                      ALBERT EINSTINE

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