Wednesday, July 27, 2011

तुझे प्यार करू मैं कैसे
तेरे बिना जियू मैं कैसे
तुझे याद करू ना कैसे
क्या ऐसा मुमकिन है

दिल ये कहे मेरी सुनो
पर दिल तो बच्चा है
जीवन का हर  सपना
नहीं लगता सच्चा है

कितना मैं चाहू  तुझे भुलाऊ
दिल को अपने कितना समझाऊ
पर दिल तो बच्चा है
 दिल खुद की ही सुनता हैं

तुम ही बताओ मेरी जाने जां
ये कैसा रास्ता है
कुछ ना पता है, कुछ ना खबर हैं
 पर दिल तो सच्चा है..




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