रिमझिम इन घटाओ में
तेरी मुस्कराहट क्या खूब सवरती है
बादलों की इन करकराहट में
सबनम की मोती बिखेरती है
ये जमाना कागजी फूलो पे
अपनी जां छिड़कता है
पर तू है की इन सबसे अलग
अपनी ही खुसबू में महकती है
मचलती तेरी ये कमसिन अदाए
दिल को यूं सींच जाती हैं
भटकती इन राहों के डगर में
उम्मीद का एक अहसास कराती हैं
तू ख्वाब है या हाकीत है
तनिक ना अहसास हैं मुझको
तेरी मचलती इस कहानी का
तनिक ना आभास है मुझको
तेरी ये बहकती नज़ारे
अधखुली आखो में भी सपन जगाती हैं
दिल के हर रोम रोम में ये
खिलते हुए चमन का आभास कराती हैं
तेरी मुस्कराहट क्या खूब सवरती है
बादलों की इन करकराहट में
सबनम की मोती बिखेरती है
ये जमाना कागजी फूलो पे
अपनी जां छिड़कता है
पर तू है की इन सबसे अलग
अपनी ही खुसबू में महकती है
मचलती तेरी ये कमसिन अदाए
दिल को यूं सींच जाती हैं
भटकती इन राहों के डगर में
उम्मीद का एक अहसास कराती हैं
तू ख्वाब है या हाकीत है
तनिक ना अहसास हैं मुझको
तेरी मचलती इस कहानी का
तनिक ना आभास है मुझको
तेरी ये बहकती नज़ारे
अधखुली आखो में भी सपन जगाती हैं
दिल के हर रोम रोम में ये
खिलते हुए चमन का आभास कराती हैं
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