किताबो के पन्नो को फिर पलटने का मन करता हैं
फिर से अब कुछ नया करने को मन करता हैं
जीवन में फिर से इक रंग भरने को मन करता हैं
फिर से ना जाने क्यू हर पल को जी लेने का मन करता हैं!
ओ कहते है की अब मै टूट गया, थक कर चूर हो गया
इस अनजानी दुनिया में फिर मै बिलीन हो गया
प्रोगेस .....
फिर से अब कुछ नया करने को मन करता हैं
जीवन में फिर से इक रंग भरने को मन करता हैं
फिर से ना जाने क्यू हर पल को जी लेने का मन करता हैं!
ओ कहते है की अब मै टूट गया, थक कर चूर हो गया
इस अनजानी दुनिया में फिर मै बिलीन हो गया
प्रोगेस .....
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